मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश में 63 फीसद सरकारी काम खराब!

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी काम की पोल खोलने वाली रिपोर्ट आम हुई है। बीते कुछ महीनों से चल रहे काम में 63 फीसद खराब मिले हैं। कहीं घटिया काम हुआ, तो कहीं अमल में देरी हो गई। 210 सरकारी निर्माण में से 133 में खामियां मिली हैं। सुधार की जरूरत बताई है। 9 जून से 21 सितंबर के बीच छह चरणों में जांच हुई है। सड़क, पुल सहित दूसरे कई काम की जांच की गई थी। सरकारी एजेंसियों ने ही रिपोर्ट पेश की है। पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी के काम में कसर का दावा है। इंदौर, जबलपुर, आलीराजपुर, विदिशा, नरसिंहपुर, सागर, शहडोल, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, गुना, उज्जैन, रतलाम, देवास, सतना सहित कई जिलों में पड़ताल हुई थी। बारिश खत्म होने के पहले काम पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक खुदा पड़ा है। 30 अक्टूबर तक मरम्मत और दूसरा काम पूरा करने का आदेश हुआ है। इसमें गड्ढे भरना, रोड सेफ्टी, रोड मार्किंग, साइन बोर्ड और पुल-पुलिया शामिल हैं। 9 जानकारों की टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। बीते चार-पांच साल से बारीकी से निगरानी रखी जा रही है। गड्ढों के कारण सड़क पर मौत में म.प्र. सबसे बदहाल राज्यों में से है।















