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‘सरकार बताए, कानफोड़ू शोर की शिकायत कहां

ज्ञानेश कुमार का चुनाव आयोग फंस गया है और सरकारी मीडिया पूरी ताकत से बचाने में लगा है। वह जो बोल रहा है, वही नईदुनिया के पहले पन्ने पर है और सिर्फ उसे ही खबर बनाया है, जो चुनाव आयोग को बचा सकता है। हेडिंग है-‘हर फैसला सर्वसम्मति से।’ चुनाव आयोग ने तिथि और बिंदुवार बताया- फैसलों पर एकमत थे तीनों आयुक्त। कांग्रेस सहित बाकी ने तीखे हमले किए हैं। राहुल गांधी ने तो लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, इस पन्ने पर नहीं है। राहुल क्या बोले हैं, जानने के लिए कई सारे पन्ने पलटने पड़ेंगे और उसके बाद भी मिलेंगे तो भाजपा के बयान के दबे हुए ही। भाजपा कह रही है कि गांधी परिवार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी को चुनाव आयोग से न जोड़ें। कांग्रेस और राहुल गांधी ने जो कहा है, उसे छोटे में निपटा दिया है कि ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है, इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाएं। दैनिक भास्कर ने जरूर हमेशा वाला ही काम किया है और राहुल को ऊपर लगाया है। साथ में भाजपा है कि कांग्रेस पारदर्शी चुनाव से तंग है, लेकिन राहुल की प्रेस कांफ्रेंस सोशल मीडिया पर खूब चल रही है। शायद इसलिए कि पता था, खबरिया चैनलों और समाचार-पत्र के पन्नों पर ज्यादा जगह मिलेगी नहीं, इसलिए अपना तरीका खड़ा कर लिया है और इस भरोसे फिलहाल काम चल रहा है। पत्रिका ने जरूर ऊपर वाले पन्ने की शुरुआत राहुल गांधी से की है और जो जानकारी होना चाहिए, तकरीबन सभी है। भार













