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सोना सहित चार पदक पक्के...

सोना सहित चार पदक पक्के...

पिछली दफा दस मीटर एयर पिस्टल में भारत ने दो सोने और तीन चांदी के पदक जीते थे, लेकिन इस बार सूखा था, जिसकी भरपाई की कोशिश सुरुची सिंह और कमलजीत नेे की है। भारत को दूसरा सोना दिलाया है। क्वालिफाइंग राउंड में कमाल से ही पता चल गया था कि सोना आने वाला है, क्योंकि एशियाई रिकॉर्ड तोडक़र फाइनल में पहुंचे थे। 587 का स्कोर बनाया। फाइनल में भी कमाल रहे। 484.6 स्कोर के साथ सोना जीतने में कामयाब रहे। सुरुची-कमल की जीत से पहले भारत के खाते में चांदी आई थी जो 50 मीटर राइफल -3 पोजीशन में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने दिलाई। इसके पहले भारत दो पदक पक्के कर चुका था। मनुष शाह और दिया चितले मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। टेबल टेनिस में आठ साल बाद मिक्स्ड डबल्स मेडल पक्का हुआ है। हांगकांग की दुनिया की नंबर 4 जोड़ी वोंग चुन टिंग और डू होई केम को 4 सेटों तक चले मैच में 11-6, 13-15, 11-9, 11-5 के अंतर से मात दी। जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने भी मिक्स्ड डबल्स स्क्वैश में मेडल पक्का किया है। 11-3, 11-5 के अंतर से फिलीपींस की जोड़ी को हरा सेमीफाइनल में हैं। महिला हॉकी टीम ने जापान को दी 3-1 से मात दे दी है। लगातार चौथी जीत है। आधा खेल बीतने पर 2-0 से आगे थे। जापान ने अंतिम क्वार्टर में कोशिश की, लेकिन अंतर 3-1 ही रहा। ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी न

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मेंडिंस का शतक, सात साल बाद जीत

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मेंडिंस का शतक, सात साल बाद जीत

लंदन। सात साल बाद श्रीलंका को इंग्लैंड पर जीत मिली है। दूसरे वन-डे में 16 रन से हरा दिया। कुसल मेंडिस के शतक और दुनित वेल्लालगे की गेंदबाजी ने काम दिखाया है। जॉस बटलर हैमस्ट्रिंग में चोट की वजह से मैदान छोड़ देते तो इंग्लैंड आसान जीत की तरफ बढ़ रहा था। श्रीलंका ने 6 विकेट पर 321 रन बनाए। मेंडिस ने सौ गेंद पर 121 रन बनाए। कामिंदु मेंडिस ने 54 रन बनाए। पवन रतनायके ने 48 रन की जरुरी पारी खेली। इंग्लैंड रफ्तार के घोड़े पर सवार था। 322 रन भी कम दिख रहे थे। पहले विकेट के लिए 143 रना दिए। टॉम बैंटन ने 73 और बेन डकेट ने 67 रन बनाए। दोनों के बाद पारी लडख़ड़ाई। रूट और कप्तान हैरी ब्रुक सस्ते में चले गए। बटलर और विल जैक्स ने संभाला। बटलर दोबारा बल्लेबाजी के लिए आए तो रन बनाने की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। इंग्लैंड को 60 गेंद पर 63 रन चाहिए थे और पांच विकेट बचे थे। एक चौका और एक छक्का ही इस दरमियान इंग्लैंड लगा सकी। वेल्लालगे तीन के अलावा दो-दो विकेेट एहसान मलिंगा और दिलशान मधुशंका ने लिए।

सीमा जापान में, मां को खबर नहीं

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सीमा जापान में, मां को खबर नहीं

सीमा की मां केसरी देवी हिमाचल प्रदेश के रेटा गाँव में दौड़ते हुए टीवी पर देख रही थीं, जिसका आधा हिस्सा मिट्टी की दीवारों वाला है और बाकी सीमेंट से बना है। उन्हें नहीं पता था कि सीमा जापान में हैं। सीमा बोलीं, मां की उम्र हो गई है। विदेश की बात करो तो घबरा जाती हैं। सीमा के भाईयों ने दिहाड़ी मजदूरी कर खेलाया है। पिता के पास जूते दिलाने के पैसे नहीं थे तो एक बकरी बेच दी। 2012 में साँप के काटने से गुजर गए थे। पिता को खोने के बाद भी सीमा का दौडऩा जारी रहा। भाई सुरेंद्र के साथ प्रैक्टिस करती थीं। 2015 में धर्मशाला साइ के ट्रायल में शामिल होने के लिए सीमा के पास जूते नहीं थे तो भाइयों ने एक और बकरी बेच दी। छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। 2010 से ही दौड़ रही हैं। सरकारी स्कूल के पीटी टीचर हंसराज ने प्रतिभा पहचानी। पहाड़ी रास्तों से होकर भागते हुए स्कूल जाती थीं। वहीं से पैरों में जान आई और अब देश के लिए पदक ला रही हैं।

'ओलिंपिक से कम नहीं'

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'ओलिंपिक से कम नहीं'

मीराबाई चानू के नाम ओलिंपिक, विश्व और कॉमनेवल्थ में तीन सोने के पदक हैं, लेकिन एशियन गेम्स में बारह साल तक हाथ खाली रहें। नागोया में जब गले में चांदी का पदक लटका तो चेहरे की चमक बढ़ गई, मानों भारी भरकम बोझ हट गया हो। कहती हैं कि मैंने दुनिया के तमाम पदक जीते, लेकिन कभी एशियन गेम्स में नहीं जीत पाई। बारह साल से कोशिश कर रही थी। अब हलका महसूस कर रही हूँ । यह ओलिंपिक से कम नहीं है। उत्तर कोरिया और चीन वेटलिफ्टिंग में मजबूत हैं। इसलिए एशियन गेम्स आसान नहीं होते। अब मेरी जिंदगी पूरी हो गई। अब कोई और ख्वाहिश नहीं बची।

चांदी की हैट-ट्रिक!

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चांदी की हैट-ट्रिक!

नागोया। रोशिबिना देवी ने 60 किग्रा वुशू के फाइनल में उतरीं तो दावं पर सोना था। पिछली बार भी एशिय कप से चांदी ले गई थीं। चीनी खिलाड़ी से मुकाबला था। रोशिबिना के हाथ फिर चांदी लगी है, पर यह इतिहास रचने के लिए काफी थी। एशियन गेम्स में रोशिबिना का लगातार तीसरा पदक है। जकार्ता 2018 में ब्रॉन्ज और हांग्जो 2023 में सिल्वर मेडल जीता था। एशियन गेम्स इतिहास में तीन पदक जीतने वाली भारत की पहली वुशू खिलाड़ी हैं। भारत की शुरुआत पदक से हुई। रोइंग में मेडल हाथ आया है। भारतीय जोड़ी सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा के फाइनल में कांसा जीता है। सतनाम और सलमान ने 2,000 मीटर की रेस 6-13.25 सेकंड का समय निकाल पूरी की। ट्रैक एंड फील्ड में भी भारत के लिए अच्छी खबर है। 4&400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम फाइनल में पहुंच गई है। जय कुमार, मन्नू थेकिनालिल साजी, रशदीप कौर और अन्सा बाबू की भारतीय चौकड़ी ने चीन के ठीक पीछे रहते हुए 3-16.23 का बेहतरीन समय निकाला और दूसरा नंबर पर रह फाइनल के लिए क्वालीफाइ किया। स्क्वैश में जोशना चिनप्पा-वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी जीत गई है। सूरज चंद-शमीना रियाज को 2-0 (11-7 और 11-10) से हराकर मिक्स्ड डबल्स के क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली है। दोनों भारतीय जोडिय़ों के बीच दूसरा गेम शानदार रहा, जिसमें सूरज और शमीना 7-9 से पिछडऩे के बाद स्कोर 9-9 पर ले आए। आखिरका

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बेसबॉल की नजर से क्रिकेट समझ रहा जापान

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बेसबॉल की नजर से क्रिकेट समझ रहा जापान

भारतीय महिला टीम ने कोरोगी के जिस मैदान पर सोना जीता है, वो सरकारी पार्क है। हरमन की टीम जिस जगह खेल रही थी, वहां सिर्फ एक बाथरूम, बेंच और बेसबॉल केज ही पक्के थे, लेकिन जब क्रिकेट को एशियाड में जगह मिली तो नई घास और हाइब्रिड पिच का इंतजाम करना पड़ा। हरमन की टीम के बाद यहां श्रेयस अय्यर की टीम भी खेलने वाली है। जसप्रीत बुमरा को देखने के लिए जापानी तैयार हैं। जापानियों को क्रिकेट समझाने के लिए बेसबॉल की जरूरत पड़ रही है। अनाउंसर चौके और छक्के तो बताती है, लेकिन साथ यह भी कहती है कि यह उसी तरह है, जैसे बेसबॉल में होम और बेस्ट ऑफ थ्री होता है। जापानी भाषा में एक गाइड भी दी गई है, जो ओवर, रन, गेंदबाज बदलने और आउट के बारे में बताती है। एक बार मैदान की तरफ देखते हैं, फिर गाइड की तरफ देख समझने की कोशिश कर रहे थे कि हुआ क्या है। इनमें से एक जापानी इसलिए आ गया था कि लडक़ी ने श्रीलंकाइ से शादी की है। भारतीय भी जमा हो ही जाते हैं। मिनी बस भरकर टोक्यो से तीस लोगों का जत्था आए, बैग में गुजराती-मारवाड़ी खाना भरकर। कुछ लंदन से भी आए थे। सियोल घूमने गए थे तो फाइनल देखने कोरोगी आ गए।

पदक चूक गईं मनु भाकर, फायनल में पांचवें पर रहीं

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पदक चूक गईं मनु भाकर, फायनल में पांचवें पर रहीं

आइची-नागोया। मनु भाकर और भारत की उम्मीदें चुक गई हैं। डबल ओलिंपिक पदक धारी मनु से उम्मीद थी कि दस मीटर एयर पिस्टल में भी डबल पदक दिलाएंगी। फाइनल राउंड में मनु पांचवें नंबर पर रहीं। इसके पहले इशा सिंह और सुरुचि सिंह के खराब खेल की वजह से भारत के हाथ से टीम-मेडल छिटक गया। वियतनाम से मामूली अंतर से कांसा चूक गए। आखिरी कोशिश में मनु को 10.8 का निशान लगाना था, लेकिन 9.8 ही लगा सकीं। स्कीट निशानेबाजी में सफलता मिली है। राइजा ढिल्लो, परिनाज धालीवाल और माहेश्वरी चौहान की तिकड़ी ने कांसा दिलाया है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीना ने सेमीफाइनल में पहुंच, पदक पक्का कर दिया है।

श्रीलंका की धुलाई जारी, वन-डे में भी हार

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श्रीलंका की धुलाई जारी, वन-डे में भी हार

चेस्टर ले स्ट्रीट। टी-20 सीरिज में सफाए के बाद वन-डे में भी इंग्लैंड ने श्रीलंका की वही नौबत की है। तीन मैचों की सीरिज का पहला मैच 89 रन से हरा दिया है। विल जैक्स ने आधी टीम बंडल कर जीत दिला दी। इंग्लैंड ने पहले खेल 48.1 ओवर में 265 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रुक ने 67, जो रूट ने 44 और विल जैक्स ने नाबाद 46 रन बनाए। श्रीलंका के लिए अशिता फर्नांडो और सचिंदू ने 3-3 विकेट लिए। सौ रन बनाने में श्रीलंका के आधे बल्लेबाज पैवेलियन पहुंच गए। दुनित वेलालगे (45) और कुशल मेंडिस (42) की बदौलत डेढ़ सौ पार पहुंचे और 176 तक आते-आते ऑलआउट हो गई। 36 ओवर ही खेल पाए। जैक्स पांच के अलावा दो विकेट जेमी ओवरटन ने लिए। रूट ने मुकाबले में तेईस हजार रन पूरे कर लिए। ऐसा करने वाले दुनिया के आठवें बल्लेबाज बन गए हैं।

रिजवान पर रोक... सट्टेबाजी पर बात नहीं

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रिजवान पर रोक... सट्टेबाजी पर बात नहीं

इस्लामाबाद। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान पर सट्टेबाजी को लेकर मीडिया से बात करने पर रोक लगा दी है। रिजवान ने पीसीबी से मीडिया के सामने बात रखने की इजाजत मांगी थी, लेकिन बोर्ड ने मना कर दिया। जांच एजेंसी ने मोहम्मद रिजवान से ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुए और उनके पैसों के लेन-देन के सिलसिले में पूछताछ की थी। इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान ही रिजवान और इमाम-उल-हक दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

सोने की आस... कांसा भी नहीं मिला

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सोने की आस... कांसा भी नहीं मिला

चांदी के बाद भारत सोने की उम्मीद लिए जागा, पर निराशा हाथ लगी है। एलावेनिल वलारिवान और पार्थ माने की जोड़ी ने फाइनल राउंड में धमाकेदार एंट्री की, लगा सोना दिला देंगे, पर इतने नर्वस हो गए कि पदक भी हाथ से छिटक गया। क्वालिफाइंग में दूसरे नंबर पर रहने वालीं एलानेविल और माने फाइनल में चौथे नंबर पर रहे। पहले राउंड से ही दोनों दबाव में दिख रहे थे। तीन राउंड तक चौथे नंबर से आगे नहीं बढ़े तो पदक की रेस से बाहर जाना पड़ा। दोनों ने 376.3 का स्कोर किया। एक और झटका लगा है। पीवी सिंधु हार गई हैं। जापान से मुकाबला है। अकाने यामागुची के खिलाफ सिंधु खेल रही थीं। पहला सेट जीत गईं, पर दूसरे और तीसरे में यामागुची ने टिकने नहीं दिया। उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा को भी हार मिली है। त्रिशा और गायत्री की जोड़ी जीती है, लेिकन भारत जापान से 1-3 से हार गया। टेबल टेनिस में श्रीजा अकुला हार गई हैं। शुरुआती दो गेम जीते थे, लेकिन बाद में वापसी नहीं कर पाईं। कराटे में कांसा हाथ से छिटक गया है। 84 किग्रा में चेतन भट्ट से उम्मीद थी। चीनी ताइपे के चुंग मेंग-यू ने कड़े मुकाबले में हरा दिया। दोनों के एक-एक प्वाइंट थे, लेकिन पहला चीनी ताइपे के खिलाड़ी ने लिया था, इसलिए जीत का सेहर मेंग-यू के सिर बांध दिया। पाकिस्तान ने महिला क्रिकेट में कांसा जीत लिया है। बांग्लादेश को 31 रन से हरा दिया है। पाकिस्तान ने 146 रन बनाए थे,

तकिए ने दिलाई चांदी...!

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तकिए ने दिलाई चांदी...!

आइची के शूटिंग रेंज तक जाने का सफर खूबसूरत है। 670 मीटर चढऩे के लिए गांवों और झरनों से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन मशक्कत यह है कि दो घंटे में पूरा होता है और देखने के लिए हिलना-डुलना खूब पड़ता है। निशानेबाजों के लिए यह खतरना था। इससे गर्दन पर असर पड़ता। जकडऩ पदक से दूर कर सकती है। तरीका खोजा गया और सलाह दी गई कि तकिया बिना कोई बैठेगा नहीं। एलावेनिल वलारिवान पहले से गर्दन की समस्या से जूझ रही हैं। रास्तों को निहारने के बजाए तकिया लगा सोना पसंद किया। राइफल कोच मनोज कुमार ने बताया कि कुछ खिलाडिय़ों को बाहर झांकने पर उलटी आने की दिक्कत थी। बस के सिवा जा नहीं सकते थे। इसलिए आंखें मूंदकर जाने के लिए कहा।

बुमरा को कप्तान नहीं बनाना चाहते थे

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बुमरा को कप्तान नहीं बनाना चाहते थे

मुंबई। अजीत अगरकर और बीसीसीआइ के बीच मतभेद के रोज खुलासे हो रहे हैं। रोहित, लक्ष्मण के बाद ताजा मामला जसप्रीत बुमरा से जुड़ा है। पद संभालने के बाद आयरलैंड से टी 20 सीरीज के लिए टीम चुनी थी। अगरकर रुतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाना चाहते थे। बीसीसीआइ जसप्रीत बुमरा के पक्ष में था। अगरकर के अडऩे के बावजूद बीसीसीआइ ने नहीं मानी। बाद में अगरकर का फैसला ही सही रहा कि बुमरा को ज्यादा काम सौंपन सही नहीं, लेकिन ऐसे फैसलों के लिए बीसीसीआइ की नहीं सुनना अगरकर पर भारी पड़ा।

वैभव के पास 'टेकनिक नहीं'!

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वैभव के पास 'टेकनिक नहीं'!

लंदन। मोंटी पनेसर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की तकनीक ऐसी नहीं है कि तीनों फार्मेट खेल सकें। उनकी तकनीक टेस्ट क्रिकेट लायक नहीं है। हैरी ब्रुक ही ऐसे हैं जो तीनों फार्मेट में धमाल कर रहे हैं। पनेसर ने यह बात पॉडकास्ट में कहीं, जिसमें साथी माइकल क्लार्क थे। क्लार्क ने पनेसर की बात काटते हुए कहा कि विराट कोहली और एबी डीविलिर्स की तरह वह भी टेस्ट और टी-20 में सफल हो सकते हैं, बशर्ते उनमें टेस्ट क्रिकेट खेलने की ललक हो।

चांदी से शुरू भारत का दिन...

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चांदी से शुरू भारत का दिन...

निशानेबाजी में तीसरा पदक, लड़कों का कमाल आइची-नागोया। भारत को निशानेबाजों ने तीसरा पदक दिलाया है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम के हिमांशू ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल ने भारत की झोली में चांदी डाली है। भारतीय तिकड़ी 1890.1 अंक के साथ दूसरे नंबर पर रही। गोल्ड मेडल चीन के नाम रहा। सेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग की चीनी जोड़ी ने 1899.0 स्कोर का विश्व रिकॉर्ड बनाया। एलावेनिल वलारिवान की तरह रुद्राक्ष से कमाल दोहराने की उम्मीद है। टीम को जिताने के साथ ही व्यक्गित स्पर्धा के भी फाइनल में पहुंच गए हैं। रुद्राक्ष के साथ हिमांशू भी आगे बढ़े हैं। रुद्राक्ष ने 631.8 अंक हासिल किए तो हिमांशू ने 630.0। पार्थ माने 628.3 अंकों के साथ 10वें पर रहे और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए। चीन का यहां भी दबदबा रहा। टॉप आठ में तीन खिलाड़ी उसी के थे, पहले दोनों नंबर पर कब्जा था, लेकिन एक देश से दो निशानेबाज के नियम की वजह से झांग चांगहोंग को बाहर होना पड़ा। टेबल टेनिस में पाकिस्तान को हराया : भारती महिला टेबल टेनिस टीम ने पाकिस्तान को 3-0 से हरा दिया। सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को 11-3, 11-3, 11-4 से, 17 साल की सिंड्रेला दास ने कल्सूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से और श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को 11-4, 11-4, 11-5 से हराया। तैराकी से भी अच्छी खबर आई है। श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक क

किट नहीं मिली तो झंडा नहीं थाम सके तूर

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किट नहीं मिली तो झंडा नहीं थाम सके तूर

नागोया। नीरज चोपड़ा को चोट लगी तो तेजिंदर पाल तूर को झंडा थामने के लिए कहा गया, लेकिन किट नहीं मिलने की वजह से अंत में कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत को भेजना पड़ा। किसी भी एथलेटिक्स की किट कल तक नागोया पहुंची नहीं। भारतीय ओलिंपिक संघ के अधिकारियों ने तो इस पर कुछ नहीं बताया, लेकिन तूर बोले कि तीन बजे तक किट भेजने की बात कही थी। एयरपोर्ट जाकर लाने और ओपनिंग सेरेमनी मेें पहुंचना मुश्किल था। इसलिए झंडा लेकर नहीं चल सकूंगा। ऐन मौके पर बताया, नहीं तो कोच किट लेकर आ जाते।

हेड के शतक से पस्त जिम्बाब्वे

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हेड के शतक से पस्त जिम्बाब्वे

हरारे। ट्रेविस हेड के शतक से ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे को दूसरे वनडे में 84 रन से हरा दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 356 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे 272 रन ही बना पाई। हेड ने 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 75 गेंदों में शतक ठोक दिया। 112 रनों की आतिशी पारी खेली। मिचेल मार्श ने 52 गेंदों में अर्धशतक जमाया, जबकि कुपर कॉनोली ने 51 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत धीमी रही। इन्नोसेंट काया, ब्रेंडन टेलर, क्रेग इरविन और सिकंदर रजा ने छोटी-छोटी साझेदारियां करके टीम को मैच में बनाए रखा, लेकिन रन-रेट बढ़ता जा रहा था। बाद में तेजी दिखाने के चक्कर में 272 रनों पर ढेर हो गए।

रोहित की वजह से अगरकर रवाना!

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रोहित की वजह से अगरकर रवाना!

विराट कोहली और रोहित शर्मा को जब विश्वकप खेलाया जा रहा था तो अजीत अगरकर का कामकाज भी विश्वकप तक बढ़ाने की बात हो रही थी। खबरें थीं कि अगरकर ने पहल की और कहा कि दो टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी और वन-डे विश्वकप फाइनल खेलने वाली टीम चुनने का इनाम मिलना चाहिए। बीसीसीआइ का सिर भी हामी में हिल रहा था, लेकिन अचानक ही टीम से खबरें आने लगीं कि रोहित को विश्वकप नहीं खेलाएंगे। बाद में बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का बयान आया। खबरें गलत बताईं और दावा कर दिया कि विश्वकप तय है। अब इसके बाद कहा जा रहा है कि अगरकर ने ही आगे बनाए रखने से इंकार कर दिया है। बीसीसीआइ को पत्र लिखा है। अगरकर के सवाल पर सैकिया यह बोलते हुए आगे बढ़ गए कि अभी तो जाने में पंद्रह दिन है, लेकिन उस बात को हवा दे दी, जो बता रही है कि रोहित की वजह से अगरकर की रवानगी हो रही है। रोहित का एपिसोड नहीं आता तो गंभीर-अगरक की जोड़ी विश्वकप तक चलती, लेकिन जैसे ही रोहित के लिए बीसीसीआइ अड़ा तो अगरकर ने किनारा करने में भलाई समझी। नए सलेक्शन कमेटी मुखिया के लिए पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा का नाम भी चलने लगा है। ओज्ञा पहले भी बीसीसीआइ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं तो पार्थिव के पीछे गुजरात कनेक्शन है। इस एपिसोड के बाद मुखिया जो भी बने, रोहित का विश्वकप खेलना तय हो गया है। मुमकिन है कि संजू सैमसन की दोबारा ग्यारह में वापसी के पीछे भी बीसीसीआ

अपनी गली के मीर...!

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अपनी गली के मीर...!

अफगानिस्तान को बल्लेबाजी पर इतना भरोसा था कि टॉस जीत पहले गेंदबाजी चुन ली। ओस से आस ढूंढ रहे थे, अभिषेक शर्मा ओले की तरह टूट पड़े। अफगानिस्तान पहले दस ओवर में ही मैच हार गया था। बाद का वक्त तो काटा गया। पिच पाटा था, लेकिन एक ही जगह लगातार तीसरा मुकाबला होने की वजह से जल्द ही टूट गया। सूखा होने की वजह से गेंद रिवर्स ले रही थी। ऐसी शुरुआत के बाद भारत को तीन सौ बनाना थे, लेकिन आखिरी पांच ओवर में तरस गए। अफगानी गेंदबाजों की गेंद भले ठिकाने पर नहीं गिरी, लेकिन निशाने सटीक थे। शुरुआत राशिद खान ने की, फिर गुरबाज ने तुक्का और इब्राहिम जादरान ने भी काम दिखाया। निशानेबाजी की वजह से भारत को वक्त पर रोक लिया, लेकिन स्कोर बोर्ड पर उतने रन टंग चुके थे कि भारत को मैच निकालने के लिए मशक्कत नहीं करना थी। मदद अफगानी बल्लेबाजों ने की। मैराथन दौड़ने के लिए शुरू से ही चौथा गिएर लगा दिया। अक्षर पटेल ने आते ही अस्थि-पंजर खोल दिए। यूं लग रहा था कि अफगानिस्तान पिछले मुकाबले के रन भी बनाने आई है। बुमरा को ओवर पूरे करने की नौबत ही नहीं आई। नीतिश कुमार रेड्डी ने ही घेर दिया। रवि विश्नोई ने हाथ साफ किए तो यश ठाकुर के लिए भी शुरुआत अच्छी हो गई। रवींद्र जाडेजा के वन-डे टीम में आते ही अक्षर पटेल की गेंदबाजी ठिकाने पर आ गई है। अफगान शुरुआत डराने वाले थी, लेकिन अक्षर ने जैसे ही दो को चलता किया, बाकी भरभरा कर गिर पड

कभी बल्ले... तो कभी गेंद से... हार!

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कभी बल्ले... तो कभी गेंद से... हार!

कार्डिफ। पहले टी-20 में सौ रन से हारने वाली श्रीलंका, दूसरे में भी एकतरफा निपट गई है। बीस ओवर में 9 विकेट पर 145 रन बनाए थे, इंग्लैंड ने छह विकेट और 47 गेंद बाकी रहते बना लिए। तीन मैच की सीरिज भी नाम कर ली है। टॉस हार पहले खेल रही श्रीलंका को पतुम निसंका ने अच्छी शुरुआत दिलाई। 5वें ओवर में टीम ने 50 का स्कोर पार कर लिया। दूसरे ओपनर लहिरू उदारा धीमे रहे। छठवेें ओवर में लियम डॉसन ने लगातार गेंदों पर उदारा और कमिल मिशारा को आउट कर दिया। उदारा ने 20 गेंद पर 21 रन बनाए। इसके बाद निसंका भी धीमे पड़ गए। 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर जिमी ओवरटन ने 37 रन पर चलता कर दिया। वानिंदु हसरंगा ने 22 गेंद पर 27 रन बना श्रीलंका को 145 तक पहुंचाया। डॉसन ने तीन विकेट, जोफ्रा आर्चर और जेमी ओवरटन ने 2-2 विकेट लिए। जोस बटलर और एन्यूरिन डोनाल्ड की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 28 गेंद पर 51 रन बना दिए। बटलर ने 16 गेंद पर 30 तो डोनाल्ड ने 13 गेंद पर 21 रन बनाए। हैरी ब्रुक ने 8 गेंद पर 23 बनाए। बचा काम टॉम बैंटन ने 52 रन की पारी खेल निपटा दिया। चमीरा, हसरंगा, मलिंगा, रत्नानायके को एक-एक विकेट मिला।

टीम नई... मोहरे पुराने!

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टीम नई... मोहरे पुराने!

रवींद्र जाडेजा को रविचंद्रन अश्विन के साथ वन-डे क्रिकेट से बाहर किया गया था, लेकिन टीम इंडिया की जरूरत खत्म नहीं हुई है। अबकी कहा था कि विश्वकप के लिए नई टीम तैयार कर रहे हैं। पुराने को मौका नहीं देंगे। रोहित शर्मा पर तलवार लेकर खड़े थे, लेकिन पोल खुल चुकी है। जाडेजा का पत्ता तो टेस्ट में भी काटने की तैयारी में थे, लेकिन पुराना चावल महक ही इतना रहा है कि चाहकर भी हंडी उतार नहीं पा रहे हैं। अक्षर पटेल बीस ओवर टीम के साथ गए तो भारत को दूसरा स्पिनर ही नहीं मिला जो उनकी जगह गेंदबाजी के साथ ठीक-ठाक बल्लेबाजी कर सके। हर्ष दुबे कतार में थे, लेकिन चोट वजह बनी। मानव सुथार पर लाल गेंद के गेंदबाज का ठप्पा लगा दिया है। टीम इंडिया के पास जाडेजा के अलावा चारा नहीं बचा था। जाडेजा की वापसी इसलिए भी हुई है कि टीम इंडिया को अक्ल आ गई है कि नए का राग अलापने की वजह से विश्वकप में बुरी गत हो सकती है। पिछली कुछ सीरिज ने असलियत बता दी है। फिर से पुरानों पर लौट आए हैं। अक्षर का खेल ठीक नहीं रहा है। गेंदबाजी दम नहीं मार पा रही थी, जबकि जड्डू गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखा रहे हैं। हार्दिक पंड्या की हालत भी जड्डू की वापसी के लिए जिम्मेदार है। सलेक्टर तय नहीं कर पा रहे हैं कि वन-डे खेलाएं या नहीं। हार्दिक दस ओवर गेंदबाजी करने लायक नहीं हैं। यही हालत रही तो भारत को नीचे भरोसेमंद बल्लेबाज की जरूरत पड़ेगी। इस

अनुष्का को सोना

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अनुष्का को सोना

इंदौर। भोपाल में हुई सीबीएसई अंडर-19 गर्ल्स वेस्ट जोन सिलेकान ट्रायल्स में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के क्रिकेट खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। दिल्ली पब्लिक स्कूल की अनुष्का शेंडगे ने वेस्ट जोन में सोना जीता। अच्छे खेल का इनाम मिला। सीबीसीएसई अंडर-19 नेशनल स्कूल टीम के लिए चुनी गई हैं। स्कूल ने अनुष्का का सम्मान किया। मप्र औैर मुंबई इंडियंस की विकेटकीपर राहिला फिरदौस ने मेडल बांटे। प्राचार्य परमिंदर चौपडा और ज्योति नांबियार ने बधाई दी।