'ओलिंपिक से कम नहीं'

· Indore

आखिरी ख्वाहिश भी पूरी
आखिरी ख्वाहिश भी पूरी

मीराबाई चानू के नाम ओलिंपिक, विश्व और कॉमनेवल्थ में तीन सोने के पदक हैं, लेकिन एशियन गेम्स में बारह साल तक हाथ खाली रहें। नागोया में जब गले में चांदी का पदक लटका तो चेहरे की चमक बढ़ गई, मानों भारी भरकम बोझ हट गया हो।

कहती हैं कि मैंने दुनिया के तमाम पदक जीते, लेकिन कभी एशियन गेम्स में नहीं जीत पाई। बारह साल से कोशिश कर रही थी। अब हलका महसूस कर रही हूँ । यह ओलिंपिक से कम नहीं है। उत्तर कोरिया और चीन वेटलिफ्टिंग में मजबूत हैं। इसलिए एशियन गेम्स आसान नहीं होते। अब मेरी जिंदगी पूरी हो गई। अब कोई और ख्वाहिश नहीं बची।