टीम नई... मोहरे पुराने!

· Indore

टीम नई... मोहरे पुराने!

रवींद्र जाडेजा को रविचंद्रन अश्विन के साथ वन-डे क्रिकेट से बाहर किया गया था, लेकिन टीम इंडिया की जरूरत खत्म नहीं हुई है। अबकी कहा था कि विश्वकप के लिए नई टीम तैयार कर रहे हैं। पुराने को मौका नहीं देंगे। रोहित शर्मा पर तलवार लेकर खड़े थे, लेकिन पोल खुल चुकी है। जाडेजा का पत्ता तो टेस्ट में भी काटने की तैयारी में थे, लेकिन पुराना चावल महक ही इतना रहा है कि चाहकर भी हंडी उतार नहीं पा रहे हैं।

अक्षर पटेल बीस ओवर टीम के साथ गए तो भारत को दूसरा स्पिनर ही नहीं मिला जो उनकी जगह गेंदबाजी के साथ ठीक-ठाक बल्लेबाजी कर सके। हर्ष दुबे कतार में थे, लेकिन चोट वजह बनी। मानव सुथार पर लाल गेंद के गेंदबाज का ठप्पा लगा दिया है। टीम इंडिया के पास जाडेजा के अलावा चारा नहीं बचा था।

जाडेजा की वापसी इसलिए भी हुई है कि टीम इंडिया को अक्ल आ गई है कि नए का राग अलापने की वजह से विश्वकप में बुरी गत हो सकती है। पिछली कुछ सीरिज ने असलियत बता दी है। फिर से पुरानों पर लौट आए हैं। अक्षर का खेल ठीक नहीं रहा है। गेंदबाजी दम नहीं मार पा रही थी, जबकि जड्डू गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखा रहे हैं। हार्दिक पंड्या की हालत भी जड्डू की वापसी के लिए जिम्मेदार है। सलेक्टर तय नहीं कर पा रहे हैं कि वन-डे खेलाएं या नहीं। हार्दिक दस ओवर गेंदबाजी करने लायक नहीं हैं। यही हालत रही तो भारत को नीचे भरोसेमंद बल्लेबाज की जरूरत पड़ेगी। इसीलिए लौटकर जड्डू को आए हंै।

जड्डू के लिए जहां दरवाजे खुले हैं, वहीं ऋषभ पंत के लिए बंद हो गए हैं। इशान किशन नहीं थे, अय्यर और अक्षर भी जापान में हैं तो लगा दो साल बाद पंत को मौका मिलेगा, पर सलेक्टर्स ने निगाहें फेर ली है। ध्रुव जुरैल को मौका दिया है। उलटे हाथ का बल्लेबाज होने के नाते भी पंत इस टीम में फिट बैठते थे। बीच के ओवरों में कोई उलटा

नहीं है, लेकिन उलटों को तवज्जो देने वाले गंभीर ने भी उनकी बात नहीं रखी।

इसके बजाए पंत को रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी दी गई है। लाल गेंद के खिलाड़ी का ठप्पा लगा दिया है। पंत की पहले तीनों फार्मेट में धूम थी। धौनी से लेकर गिलक्रिस्ट तक बन गए थे, पर एक्सीडेंट के बाद टी-20 के बाद वन-डे फार्मेट से भी विदाई मिल गई। बाकी कसर इशान किशन ने पूरी कर दी। अब जुरैल की आमद ने कह दिया है पंत लाल गेंद पर ही ध्यान लगाएं।