पिटाई पर भिया की ‘सफाई…’!

· Indore

पिटाई पर भिया की ‘सफाई…’!

भिया की हरकतों पर सवाल यानी मुसीबत है। कोई मदद नहीं कर पाए। सवाल के जवाब में जब मरम्मत हो जाती है, तो पुलिस भी भाव नहीं देती कि इसके लिए उकसाने का दोषी तो खुद सवाली है। न वो उकसाता और ना ये नौबत आती। आखिर भिया की इमेज का सवाल है कि कोई सवाल हो तो कैसे! भिया जवाब देते हैं, भला! यह काम तो पट्ठों के जिम्मे है, जिसे सही ढंग से अंजाम देते हैं।

इस पर भी भिया से सवाल हुआ कि पट्ठों ने सवाली को ऐसा जवाब क्यों दिया, तो भिया की सफाई सामने आई। भिया की मासूम सूरत पर सवाल था कि क्या ऐसा कुछ हुआ, मुझे तो पता ही नहीं! यदि हुआ तो गलत है और सवाली को इस हरकत के खिलाफ पुलिस में जाना चाहिए। जिन अज्ञात लोगों ने यह हरकत की है, पुलिस को चाहिए कि उन्हें नहीं बख्शे। यदि मदद चाहिए तो मैं तैयार हूं। चाहे तो थाने जा सकता हूं, उसकी रपट दर्ज करवाने।

भिया ने और सफाई दी कि ऐसी हरकत करने वाले उनके लोग नहीं हो सकते। शायद कहना चाहते हों कि मेरे पट्ठे ऐसा करने से पहले पूरी सावधानी बरतते हैं कि हमारा नाम न आए। भिया कहते हैं कि यह उनके खिलाफ साजिश हो सकती है कि जिसने सवाल करने भेजा, उसी ने जवाब देने वाले भी भेज दिये ताकि मैं बदनाम हो जाऊं।

उधर सवाली से पुलिस सवाल कर रही थी कि तुम किसके इशारे पर सवाल कर रहे हो और शहर की शांति भंग कर रहे हो! तुम्हारी बहुत शिकायतें आ रही हैं कि सबको परेशान कर रखा है। अब यदि शिकायत आई…तो सिपाही बोला कुछ नहीं…चेहरे का भाव बता रहा था कि अभी पट्ठों ने जवाब दिया है, पुलिस का बाकी है। पुलिस को और भी काम हैं, ऐसे फिजूल सवालों के अलावा!