‘धुरंधर’ ने पुराने गीतों का सत्यानाश किया:समीर

· Indore

‘धुरंधर’ ने पुराने गीतों का सत्यानाश किया:समीर

गीतकार समीर का कहना है कि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों ने संगीत को बैकग्राउंड बना दिया है। इस फिल्म में, “पुराने गीतों का सत्यानाश कर दिया।” समीर ने कहा, गीत ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ को गोलीबारी वाले सीन के बीच इस्तेमाल किया है। जब पर्दे पर गोलियां चल रही हैं और पीछे ‘जुम्मा चुम्मा’ बज रहा है तो उस गाने की भावना आखिर कहां बचती है!

समीर ने कहा कि पुराने गीतों को नए तरीके से पेश करना गलत नहीं है। गीत ‘दिलबर’ को दोबारा बनाया तो नई पीढ़ी तक पहुंचा लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब गीतकार को किनारे कर बेमेल शब्द लिखवा लिए जाते हैं। कई बार ऐसे शब्द जोड़ दिए जाते हैं, जिनका पुराने गीत से कोई रिश्ता ही नहीं होता।

उन्होंने कहा कि पहले निर्माता और निर्देशक गाने पर घंटों बैठते थे। फिल्म की कहानी और सीन समझाने के बाद गीत लिखा जाता था। अब सीधे कहते हैं कि कोई हिट गाना हो तो दे दीजिए। जब फिल्म में दर्जनभर संगीतकार और उससे भी ज्यादा गीतकार होंगे तो संगीत में एक जैसी सोच और एहसास कैसे आएगा!

समीर ने करण जौहर और आदित्य चोपड़ा के पर सवाल उठाए। इन बैनरों ने कभी अच्छे संगीत को आगे बढ़ाया था लेकिन अब उनका ध्यान भी गानों पर नहीं रहा। नई प्रतिभाओं को मौका मिलना चाहिए लेकिन पुराने और अनुभवी कलाकारों को बेकार मानकर बाहर कर देना फिल्म संगीत के लिए ठीक नहीं है।