हवाईअड्डे की ढाई सौ करोड़ ~ की जमीन पर कब्जा

· Indore

कब्ज़ा कायम, चेतावनी का बोर्ड भी लगा
कब्ज़ा कायम, चेतावनी का बोर्ड भी लगा

इंदौर. नगर प्रतिनिधि। एयरपोर्ट अथारिटी 165 एकड़ जमीन विस्तार के लिए सरकार से ले रही है, वहीं सवा लाख वर्गफुट खुद की जमीन नहीं संभाल पा रही। शिकवा-शिकायतों के बाद पचास हजार वर्गफुट जमीन से बमुश्किल कब्जा हटा, वहीं पचहत्तर हजार वर्गफुट जमीन अभी भी आजाद होना बाकी है।

पुराने टर्मिनल भवन और पंचशील नगर के बीच करीब ढाई सौ करोड़ रुपए की जमीन के मामले में एडवोकेट प्रमोदकुमार द्विवेदी का कहना है कि एयरपोर्ट अथारिटी ने यहां कुछ जमीन रिलायंस पेट्रोल पंप और बिजली कंपनी को लीज पर दे रखी है। बाकी जमीन पर कब्जा है। हालांकि शिकायत के बाद कुछ कब्जे हटे हैं, जहां एयरपोर्ट अथारिटी ने बोर्ड लगा दिया है। मेनरोड की जमीन पर कालोनाईजर, फार्म हाउस मालिक और बोरवेल कंपनी का कब्जा है। रेस्टोरेंट संचालकों को जमीन यह कहकर किराए पर दी गई है कि जमीन लीज पर मिली है।

द्विवेदी ने इसकी सबूत समेत शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री तक बात पहुंचाई। वहां से जांच रिपोर्ट मंगवाई गई। आरोप है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर ने सही जानकारी नहीं भेजी तो आला अधिकारियों को हकीकत बताई। रेस्टोरेंट में आये दिन होने वाली पार्टी आदि की जानकारी भेजी। चेताया भी कि बिना कब्जा हटाए पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उपयोग किया तो हादसे का डर रहेगा। यह मुद्दा भी उठेगा कि एयरपोर्ट अथारिटी एक तरफ तो सरकार से 165 एकड़ जमीन मांग रही है, दूसरी अपनी जमीन की हिफाजत नहीं कर पा रही। द्विवेदी का कहना है कि एयरपोर्ट अधिकारी की इंदौर से रवानगी की एक वजह उनकी शिकायत भी रही है, जिसमें वे एयरपोर्ट की जमीन को आजाद नहीं करा पाए।